फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi: समय से पहले बदलेगा आईटीआई का पाठ्यक्रम, इंडस्ट्री की मांग अनुसार होगा तैयार

Ankesh Dogra Updated Tue, 03 Mar 2026 03:41 PM IST

हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई का पाठ्यक्रम इस बार तय समय से पहले बदला जाएगा। इसका उद्देश्य इंडस्ट्री की मौजूदा मांग और तेजी से बदलती तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षु तैयार करना है। ताकि उन्हें रोजगार के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की जरूरत न पड़े। आमतौर पर आईटीआई का सिलेबस हर पांच साल में बदला जाता है, लेकिन इस बार चार वर्ष में ही संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग अगले वित्त वर्ष में नए सिलेबस को लागू करने की तैयारी में है। ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण मिल सके। वर्तमान में आईटीआई में पढ़ाया जा रहा सिलेबस इंडस्ट्री की नई तकनीक से पूरी तरह मेल नहीं खा पा रहा है। कई औद्योगिक इकाइयों ने विभाग को अवगत कराया कि संस्थानों में पुरानी तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जबकि उद्योगों में ऑटोमेशन, डिजिटल कंट्रोल और एडवांस मशीनिंग जैसी आधुनिक प्रणालियां तेजी से अपनाई जा रही हैं। प्रदेश के आईटीआई से हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रशिक्षु पास आउट हाेते हैं, लेकिन उद्योग प्रबंधन का कहना है कि उन्हें काम पर रखने से पहले दोबारा प्रशिक्षित करना पड़ता है। इसका सीधा असर युवाओं की रोजगार क्षमता और इंडस्ट्री की उत्पादकता पर पड़ता है। इसी अंतर को पाटने के लिए अब सिलेबस निर्माण प्रक्रिया में इंडस्ट्री के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। विभाग का मानना है कि जब तक पाठ्यक्रम सीधे उद्योग की वास्तविक जरूरतों से नहीं जुड़ेगा, तब तक कौशल विकास का उद्देश्य अधूरा रहेगा। तकनीकी शिक्षा के निदेशक अक्षय सूद ने कहा कि आईटीआई के पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए मंथन जारी है। इस पर उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। नियमानुसार प्रक्रिया जारी है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें