संविधान दिवस अवसर पर बुधवार को हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ ने संयुक्त रूप से एक रैली निकाली। इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई। इस मौके पर एसडीएम बालीचौकी को मांग पत्र सौंपा गया। इसमें मांग उठाई गई कि आपदा में राहत राशि से वंचित लोगों का पुनः मुआयना कर राहत मैनुअल में शामिल किया जाए। कोर्ट के नाम पर चल रही बेदखली कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। क्षेत्र में बस सेवाएं शीघ्र बहाल करने की मांग की गई। रैली को संबोधित करते हुए सेब उत्पादक संघ राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा, इंद्र सिंह और बालीचौकी लोकल कमेटी अध्यक्ष ओमचंद ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा के कठिन दौर में जहां लोग अपने घर, जमीन और खेतीबाड़ी से हाथ धो बैठे हैं। वहीं, सरकार न्यायालय के नाम पर लोगों को जमीन से बेदखल कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि देश की भाजपा और प्रदेश की कांग्रेस सरकारें आम जनता के हितों के विपरीत कार्य कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2002 में भाजपा सरकार ने नियमितीकरण के नाम पर लोगों की जमीन से संबंधित पूरा ब्यौरा राजस्व विभाग के पास एकत्र किया और अब उसी आधार पर लोगों को बेदखल किया जा रहा है। कहा कि आज लोगों के जीवन-यापन के लिए जमीन सबसे बड़ी आवश्यकता है, इसलिए केंद्र और प्रदेश सरकार को वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में संशोधन कर लोगों को जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। कहा कि 78 वर्ष बाद भी संविधान की मूल भावना का पालन नहीं किया जा रहा है। न केवल संविधान को लागू करने में लापरवाही बरती जा रही है, बल्कि कई जनहितैषी कानून समाप्त किए जा रहे हैं और कॉरपोरेट्स के हितों वाले कानून लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने जाति-धर्म के आधार पर बढ़ते भेदभाव पर भी चिंता व्यक्त की। रैली में हीरालाल, रूपचंद, मोहर सिंह, श्यामलाल, देवी राम आदि स्थानीय लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए।