राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में आयोजित ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद एवं नशामुक्त भारत अभियान’ कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, जिज्ञासा और सृजनात्मक शक्ति ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएगी। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में युवाओं की भूमिका सबसे प्रमुख है। युवा देश के सपनों को गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि छात्र-छात्राएं शिक्षा को केवल करियर का माध्यम न समझें, बल्कि समाज परिवर्तन, नवाचार और राष्ट्रीय सेवा का साधन बनाएं। अपने अंदर नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रीयता की भावना का विकास करें। जब युवा सक्रिय होते हैं, राष्ट्र प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले वर्ष तक जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। देश में स्टार्टअप, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष अनुसंधान और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार युवाओं की सहभागिता का परिणाम है। एक विकसित, सशक्त और नशामुक्त भारत का निर्माण तभी संभव है जब युवा जागरूक, अनुशासित और समर्पित हों। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग आप ही से होकर जाता है। अपनी क्षमता पर विश्वास रखें, अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और नशे जैसी बुराइयों से स्वयं भी दूर रहें तथा दूसरों को भी बचाएं। शुक्ल ने नशामुक्ति पर जोर देते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सिंथेटिक ड्रग्स के जाल में फंसाने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है, जिससे बचाने के लिए समाज को साथ आना होगा। राज्यपाल ने कहा कि हमें नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। युवाओं को गलत आदतों से बचाने के लिए जागरूकता, संवाद, परिवार का सहयोग और शैक्षिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि नशे से दूर रहें, खेल, योग, संगीत, कला और सकारात्मक गतिविधियों से जीवन को ऊंचा उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से उन्होंने नशामुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया और उच्च शैक्षणिक संस्थानों से प्रारंभ यह अभियान अब पंचायत स्तर तक पहुंच चुका है। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश सरकार के ठोस एवं सार्थक प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कुलपति से विश्वविद्यालय में योग और खेल गतिविधियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है, जहां युवाओं की ऊर्जा और संकल्प भारत के भविष्य को नई दिशा देते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की टीम को किए जा रहे सार्थक कार्यों के लिए बधाई दी।