पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि उन्होंने न कभी ओपीएस का विरोध किया था और न ही आगे करेंगे। मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में रही भाजपा सरकार के दौरान उन्होंने केंद्र के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया था। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाया और लाभ लेकर चुनाव जीता। लेकिन अब प्रदेश कांग्रेस सरकार स्वयं आर्थिक बदहाली का रोना रोते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को यूपीएस की ओर जाने को कह रही है। जयराम ने कहा कि आज प्रदेश की आर्थिक हालत इतनी माली हो चुकी है कि 2027 में प्रदेश पर आर्थिक संकट उत्पन्न होने वाला है। क्योंकि इसी साल प्रदेश में सबसे ज्यादा सेवानिवृत्तियां होंगी। उस समय ओपीएस के कारण उत्पन्न होने वाले परिणाम सामने आएंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार आए दिन जिस तरह से अपने फैसलों को बदल रही है, उससे साफ झलक रहा है कि अधिकारियों और सरकार के बीच विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नेता प्रतिपक्ष ने पिछले कल जारी अधिसूचना का जिक्र करते हुए कहा कि सुबह सरकार कहती है कि रिटायर्ड व टायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा। लेकिन शाम को मालूम पड़ता है कि सरकार ने लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त एसडीओ को सेवा विस्तार दे दिया है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल मे सीएम सुक्खू पर ब्यूरोक्रेरी पूरी तरह से हावी हो चुकी है और सुक्खू उनके साथ असहाय होकर खड़े हैं। प्रदेश में अब ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि कांग्रेस की यह सरकार राम भरोसे चल रही है।