उपमंडल धर्मपुर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने और जनजागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एसडीएम जोगिंदर पटियाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बाल विवाह रोकथाम के लिए समन्वित कार्रवाई और जागरूकता अभियान को तेज करने पर चर्चा की। बैठक में एसडीएम जोगिंदर पटियाल ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा भविष्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल विवाह की किसी भी संभावित घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें और प्रशासन को तुरंत अवगत कराएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों की भूमिका को अहम बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम और इसके दुष्परिणामों की जानकारी मिल सके। बैठक में बीएमओ संधोल डॉ. धर्मपाल ने किशोरियों के स्वास्थ्य पर बाल विवाह के दुष्प्रभावों की जानकारी दी, जबकि सीडीपीओ धर्मपुर धनीराम ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं और बाल संरक्षण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। वहीं बीडीओ धर्मपुर बालम राम ने पंचायत स्तर पर निगरानी बढ़ाने और जनप्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में सभी विभागों ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।