जोगिंद्रनगर उपमंडल में लोक निर्माण विभाग पर 9.58 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अधिशाषी अभियंता कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के समर्थन में उतरे कांग्रेस के समर्थकों ने भी नारेबाजी की और दोनों के कार्यकर्ताओं में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। बीच बचाव के लिए मौके पर पुलिस पहुंची तो उनसे भी कहासुनी हो गई। शुक्रवार दोपहर साढ़े 11 बजे पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का जब विरोध प्रदर्शन चल रहा था तभी कांग्रेस समर्थक नारेबाजी करते आ पहुंचे। एक घंटे तक दोनों पक्षों के लोगों ने नारेबाजी की। नगर परिषद जोगिंद्रनगर के उपाध्यक्ष अजय धरवाल, मंडल भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केहर सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में 5जी तार बिछाने के लिए 9.58 करोड़ रुपये का दुरुपयोग कर भ्रष्ट्राचार किया है। विधायक प्रकाश राणा ने विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे को उठाया तो पीडब्ल्यूडी मंत्री ने जांच का भरोसा दिलाया है। लेकिन जब वह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ इस विषय को लेकर लोक निर्माण कार्यालय में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे तभी अन्य दल के झंडों के साथ कुछ कार्यकर्ताओं ने माहौल को खराब करने का प्रयास किया। वहीं, दूसरे पक्ष के कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनावश्यक विरोध प्रदर्शन को लेकर नारेबाजी कर भड़ास निकालीउधर, शुक्रवार को मंडल भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पीडब्ल्यूडी में हुए इस फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और मिनी सचिवालय परिसर से गांधी वाटिका तक नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ निशाना साधा। विभाग में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा मेरे कार्यकाल में नहीं हुआ है। 9.58 करोड़ की धनराशि उपमंडल की विभिन्न सड़कों में 5जी केवल बिछाने के लिए जमा हुई थी। इसमें से 6.12 करोड़ सड़कों की मरम्मत व अन्य कार्यों पर खर्च किए गए हैं। 57.42 लाख की धनराशी लोक निर्माण की मशीनरी और वाहनों पर खर्च की गई है। 2.89 करोड़ अभी विभाग के खाते में जमा हैं। जिसे मांगानुसार उपमंडल में विभिन्न विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। विधानसभा सत्र में विधायक ने जो बात रखी है, उसमें अधिकांश जानकारी को छिपाकर विभाग की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों और सरकार को इस बारे में बता दिया है।