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VIDEO : कुल्लू में टांकरी लिपि के अस्तित्व बचाने के लिए कार्यशाला, 25 शोधकर्ता व साहित्यकार सीख रहे लिपि की बारीकियां

अंकेश डोगरा Updated Sun, 25 Aug 2024 03:33 PM IST

प्रदेश में विलुप्त हो रही पहाड़ी और पुरातन लिपियों के संरक्षण की आवश्यकता है। कुल्लू की विरासत टांकरी लिपि भी इन्हीं विलुप्त होती लिपियों में शामिल है। कुल्लू का इतिहास और टांकरी लिपि का अस्तित्व बचाने के लिए पहल जरूरी है। यह बात टांकरी लिपि के प्रशिक्षक एवं साहित्यकार यतिन पंडित ने कही। जिला कुल्लू में टांकरी लिपि का अस्तित्व बचाने के लिए कार्यशाला आयोजित की जा रही है। यह प्रशिक्षण कार्यशाला आगामी पांच दिनों तक चलेगी, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 25 से अधिक युवा, शिक्षक, शोधकर्ता व साहित्यकार टांकरी लिपि की बारीकियों और शब्दकोष को सीखेंगे। प्रशिक्षण के उपरांत ये टांकरी लिपि को पढऩे, समझने और इसका अनुवाद हिंदी और अंग्रेजी व अन्य भाषाओं में कर सकेंगे।

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