दशहरा में बाह्य सराज के देवी-देवता 200 किलोमीटर का पैदल सफर कर ढालपुर पहुंच गए हैं। देवता कोट पझारी ढोल-नगाड़ों की थाप पर ढालपुर पहुंचे। देवता 29 सितंबर को अपने देवालय से रवाना हुए थे। गुरुवार को बाह्य सराज के अधिकतर देवता देवलुओं के कंधों में सवार दशहरा में शामिल होंगे।