प्रदेश समेत जिला कुल्लू आपदाओं को लेकर संवेदनशील है। कभी भूस्खलन, बाढ़ और कभी पर्यटकों के ट्रैक से भटकने के कारण सर्च ऑपरेशन चलाने पड़ते हैं, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन को अंजाम देना काफी हद तक समस्याओं से भरा रहता है। ऐसी स्थिति में ड्रोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ड्रोन का प्रशिक्षण जवानों और कर्मचारियों को देने से यह लाभदायक होगा। वहीं, ड्रोन तकनीक के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान, हिमाचल पुलिस, लोक निर्माण विभाग, दमकल विभाग के जवानों और कर्मचारियों को ड्रोन को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि आपातकालीन स्थिति में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कम समय में राहत और बचाव कार्य आरंभ हो सकें। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने शनिवार को समापन किया।