पलदी घाटी के देवी-देवताओं को देवलुओं ने नाचते गाते हुए भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर और राजा की चानणी तक लाया गया। इस दौरान अपने-अपने अस्थायी शिविर से पलदी घाटी के देव बड़ा छमाहू, करथा नाथ सहित अन्य देवी-देवताओं को देवलुओं नेझूमते हुए भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर और चानणी के पास पहुंचाया गया।