जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के जाहलमा नाले में बाढ़ आने से अस्थायी सड़क पूरी तरह से बह गई है। ऐसे में व्यापारी ने हिम्मत की मिसाल पेश की है और अपने मटर को पुलिया से मजदूरों के द्वारा पार निकाला। व्यापारी को आशंका थी कि नाले में अस्थायी सड़क की बहाली में देर होने से उसकी मटर की फसल को नुकसान हो सकता है। उन्होंने बिना देर किए मजदूरों की मदद से बीआरओ की ओर से नाले में लगाई गई पुलिया के रास्ते करीब एक पिकअप मटर की बोरियां नाले के उस पार शिफ्ट किया। व्यापारी ने मटर से बोरियों को नाले के पार पहुंचाकर यहां से दूसरी गाड़ी में भरकर मंडियों के लिए रवाना किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही व्यापारी को मटर की बोरियों की ढुलाई के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा हो, लेकिन वह कामयाब रहे और मटर की इस खेप को समय पर सब्जी मंडी तक पहुंचाएंगे।