राजा का तालाब का दशहरा मेला उत्सव गुरुवार देर शाम श्रीराम व लक्ष्मण की कमान से निकले तीरों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को आग के हवाले कर उनके धूधूं करके जलने के साथ ही संपन्न हो गया। गुरुवार देर शाम दशहरा ग्राउंड में दिल्ली के कारीगीरों द्वारा बनाए गए और पंजाब के डेरा बाबा नानक के कारीगरों द्वारा रंग बिरंगे पटाखों से सजाए 50 फीट से ऊंचे विशाल पुतलों को रिमोट कंट्रोल से छोड़े गए तीरों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के जलने से उत्सव में शरीक हुए बड़ी संख्या में दर्शकों में खुशी का माहौल छा गया। इसी के साथ भगवान श्रीराम द्वारा बुराई पर अच्छाई की जीत पर वहां एकत्रित दर्शकों को भी एक दूसरे को बधाई एवम शुभकामनाएं देते देखे गए। इससे पहले स्थानीय बाजार में सुबह से ही लोगों की चहलकदमी से देर शाम तक रौनकें लगी रहीं। काफी संख्या में लोग दिन भर बाजार में बच्चों के साथ मिठाई, खिलौनों व अन्य सामान की खरीदारी करते देखे गए। श्रीराम की लंका पर विजय की खुशी के अवसर पर आकाश पर जगमगाती रंग बिरंगी आतिशबाजी का भी वहां एकत्रित दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। इससे पहले भारतीय रामलीला क्लब के सौजन्य से उपतहसील राजा का तालाब को नवरात्रों से पहले ही जगमग लाइट से मनमोहक बना दिया गया था।