विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत नूरपुर, इंदौरा और फतेहपुर ब्लॉक में इन दिनों किसानों को विशेषज्ञ टीम द्वारा उन्नत फसल के लिए टिप्स दिए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत बुधवार को टीम ने बड़ी–वतराहन, रैहन–1 व रैहन–2 में अपने अभियान को नई दिशा दी। उक्त अभियान पूरे प्रदेश में विशेष रूप से जिला कांगड़ा के विभिन्न ब्लॉक और पंचायतों में आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत टीम द्वारा विकसित कृषि संकल्प से कृषि को विकसित करने के फार्मूले पर ज्ञान बांटा जा रहा है। वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी न्यूनतम तकनीक से किसानों को जानकारी किसानों को उपलब्ध करवा रहे हैं। 29 मई से शुरू हुए अभियान के तहत आरएचआरटीएस जाच्छ के वैज्ञानिकों और कृषि-बागवानी विभाग के अधिकारियों ने किसानों से सीधी बातचीत की।बुधवार को क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र जाछ के सह निदेशक डॉ. विपन गुलरिया, डॉ. राजेश कलेर, डॉ. रेनू कपूर ने कृषि, बागवानी और प्राकृतिक खेती की तकनीक की जानकारी दी और किसानों को विकसित कृषि संकल्प को हासिल करने के लिए विभिन्न तकनीक बताई।इस दौरान टीम ने उत्तम कृषि पद्धतियों का प्रचार-प्रसार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग को बढ़ावा देकर उर्वरकों का संतुलित और प्रभावी प्रयोग करने , सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी किसानों को दी। डा.विपन गुलेरिया का कहना है कि कैंप में प्रतिदिन 60 से 100 किसान भाग ले रहे हैं ।एवं उनकी समस्याओं को सुनकर के उनका समाधान भी किया जा रहा है । इनका कहना है कि उक्त अभियान 12 जून तक चलेगा।जिसके तहत 25 से 30 पंचायत को विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा किसानों को घर द्वार पर जाकर कृषि की नवीनतम तकनीक ,नेचुरल फार्मिंग एवं उर्वरकों के सही उपयोग एवं सही फसल चयन की जानकारी बांटी जा रही है।