उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधबार को अपनी पुत्री आस्था अग्निहोत्री के साथ शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में माथा टेका और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पुजारी व कुल पुरोहित नितिन शर्मा ने विधिपूर्वक पूजा संपन्न करवाई और माता ज्वाला का आशीर्वाद दिलवाया। उपमुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थित शयन भवन, मोदी भवन और योगिनी कुंड में भी श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की और हवन कुंड में आहुतियां डालीं। उन्होंने कुछ समय मंदिर में रुककर माता की भेंट भी सुनी। मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया गया। इस दौरान मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा, मंदिर न्यास सदस्य व पुलिस अधिकारी व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव जल्द करवाने के लिए सरकार प्रयासरत है, लेकिन वर्ष 2022 से 2025 तक प्रदेश को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसलिए सबसे पहले राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनवरी तक वित्तीय स्थिति स्थिर होने की उम्मीद है, जिसके बाद चुनावों की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया, जो एक गौरवपूर्ण क्षण था। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने कई चुनाव लड़े और छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। केंद्रीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की भूमिका निभाते हुए उन्होंने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का जीवन मिलनसार और प्रेरणादायक रहा और उनकी स्मृति में हुआ यह कार्यक्रम भव्य और गौरवान्वित करने वाला रहा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष को ऐसे आयोजनों में स्वयं पहल कर शामिल होना चाहिए, क्योंकि यह किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल का सम्मान है। उन्होंने मंदिरों के पैसों पर आए हाईकोर्ट के फैसले को भी उचित ठहराया है और कहा की मंदिरों का पैसा मंदिरों के ही विकास व धर्म कार्यों में खर्च किया जाना चाहिए।