विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में आयोजित श्रावण अष्टमी मेले का समापन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक हो गया। मेले के दौरान करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर में करीब 52 लाख रुपये का चढ़ावा अर्पित किया गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ज्वालामुखी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और मंदिर में चढ़ावे, दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल करीब सवा दो लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे और लगभग 43 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ था। इस लिहाज से इस बार करीब 75 हजार अधिक श्रद्धालु पहुंचे और चढ़ावे में करीब नौ लाख रुपये की वृद्धि हुई। ज्वालामुखी के एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। मंदिर न्यास, पुजारी वर्ग, प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के समन्वय से मेला सुविधापूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन समय निशुल्क लंगर, चिकित्सा शिविर, पंक्तिबद्ध दर्शन, टेंट और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। मंदिर परिसर और शहर के विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सिविल ड्रेस में भी पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए। प्रशासन के अनुसार मेले के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय से श्रावण अष्टमी मेले का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो सका। मंदिर न्यास, पुजारी वर्ग, प्रशासन, पुलिस, स्थानीय लोगों और विभिन्न विभागों के सहयोग के लिए उन्होंने आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले नवरात्रों और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी इसी तरह समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।