विद्युत उपमंडल गंगथ के अंतर्गत सोमवार को बेहलपुर में बिजली का करंट लगने से हुई गोलवां निवासी लाइनमैन अजय कुमार की मौत पर भामंस ने सवालिया निशान खड़े किए हैं। भारतीय मजदूर संघ प्रदेशाध्यक्ष मदन राणा ने अजय कुमार की मौत पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि विभाग की तरफ से अब तरह तरह के बहाने लगाए जा रहे हैं। जबकि अजय कुमार की मौत विभागीय चूक का नतीजा है।उन्होंने सरकार और बोर्ड से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि पहले विभाग में एक सेक्शन में 50–50 कर्मचारी काम करते थे।जबकि आज वहां मात्र 5 कर्मचारी उस कार्य को कर रहे हैं।कर्मचारी महासंघ ने कई बार विद्युत विभाग के खाली चल रहे पदों को भरने का आग्रह किया है। परंतु कोई सुनता नहीं है। कार्य के चलते नाममात्र कर्मचारियों पर भारी बोझ पड़ा हुआ है।जिसके चलते हाल ही के समय में प्रदेश में ऐसी यह तीसरी घटना घटी है।उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं कहा कि जो भी इस कार्य में दोषी पाए जाते हैं।उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। कहा कि सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता को सस्पेंड करके इसकी रिटायर्ड जज की एक कमेटी बनाकर उच्च स्तरीय जांच हो। कहा कि ऐसा नहीं होने पर भामंस तकनीकी कर्मचारियों की साथ प्रदेश स्तर पर एक बड़ा आंदोलन करेगा। वहीं विद्युत महासंघ फतेहपुर इकाई के पूर्व सहायक अभियंता धर्मवीर कपूर ने प्रदेश सरकार से मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की है। वहीं मांग की है कि समय-समय पर फील्ड कर्मचारियों के लिए विभागीय कार्यशाला/सेमिनार आयोजित होने चाहिए।। जिसमें उन्हें सुरक्षा संबंधी तमाम जानकारियां देकर तकनीकी रु से ट्रेंड करने की बात कही है।