उपमंडल नादौन के बड़ा में श्री राम क्लब बड़ा की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला के छठे दिन हनुमान जी श्री राम जी का आशीर्वाद लेकर सीता माता की खोज करने के लिए लंका पहुंचे। वहां पर उन्होंने सबसे पहले लंकनी को मारा। फिर अशोक वाटिका में सीता के दर्शन हुए। पहले तो सीता ने उन्हें रावण समझा। जब उन्होंने श्री राम की दी हुई निशानी दिखाई तो सीता के मन की शंका दूर हो गई। हनुमान को भूख सता रही थी तो वे लंका में फल खाने लगे। यह देखकर राक्षस उनके साथ भिड़ गए। मेघनाथ ने हनुमान जी को बंधक बनाकर रावण दरबार में पेश किया। रावण ने हनुमान को मारने के लिए तलवार उठाई। लेकिन उनके भाई विभीषण ने हनुमान की जान बचाई। हनुमान जी की पूंछ को आग लग गई तो उन्होंने उछलते-कूदते हुए लंका को क्षण भर में जला डाला। रामलीला क्लब के निर्देशक पंडित राजीव शर्मा ने बताया कि रामलीला में विभिन्न कलाकारों ने अपने-अपने किरदार को बहुत अच्छे से निभाया। आज भी बड़ा क्षेत्र में रामलीला देखने के लिए भारी संख्या में लोग आते हैं।