बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम भोरंज इकाई की बैठक तहसील भोरंज के धिरवीं गांव में हुई। बैठक में धिरवीं, गौटा, रौहीं के गांववासियों ने भाग लिया। बैठक में स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध किया। प्रदेश सरकार से स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान को बंद करने की अपील की। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि बिजली बोर्ड के अधिकारी स्मार्ट मीटर के जो फायदे गिना रहे हैं, वह वास्तविकता से हटकर तथ्यों के विपरीत हैं। बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से लगभग 1500 आउटसोर्स कर्मचारियों का रोजगार छीनेगा। बिजली उपमंडलों में कार्यरत्त नियमित कर्मचारी भी सरप्लस होंगे। बिजली बोर्ड को बड़ी तीव्रता के साथ निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। बिजली मीटर लगाना, मीटर बदलना, उपभोक्ता की बिजली काटना व जोड़ना सहित अन्य काम निजी कंपनियों के पास जा रहे हैं। आने वाले समय में बिजली उपमंडलों व अनुभागों को बंद करने की नौबत आएगी। वहीं कर्मचारियों व अधिकारियों का भविष्य भी अधर में लटकेगा। बिजली बोर्ड लिमिटेड को स्मार्ट बनाने के लिए बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों व बिजली उपकेंद्रों को स्मार्ट बनाने की जरूरत है। इस अवसर पर जितेंद्र धीमान, उत्तम शर्मा, प्रेम चंद, ज्ञान चंद ठाकुर, जोगिंद्र सिंह, कमलजीत, यशपाल आदि मौजूद रहे।