बचपन से ही सेना में जाने के जज्बे को मन में संजोने का सपना देखने वाले रोहित चंदेल की मेहनत रंग लाई है। हमीरपुर के करहा गांव के इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट रोहित चंदेल का घर पर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। करहा गांव में बैंडबाजों के साथ रोहित चंदेल को हार पहनाकर लाया गया और लोगों ने खुशी का इजहार किया। बता दें कि करहा गांव में पहली बार किसी घर से लेफ्टिनेंट के पद सेना में तैनाती हुई है जिसके चलते परिजन भी बहुत खुश है। हमीरपुर जिले के नाम से जाना जाता है और हमीरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर में सबसे ज्यादा सैनिक और पूर्व सैनिक हैं। 22 वर्षीय रोहित चंदेल ने कहा कि मैनें चार सालों तक मेहनत की है और आज कमीशन पास किया है जिससे लेफ्टिनेंट में तैनाती हुई है। उन्होंने बताया कि पांच बार कमीशन पास करने के लिए समय लगा है और इंजीनियरिग के बाद अब चयन हो पाया है। रोहित ने कहा कि युवाओं को मेहनत करनी चाहिए और अपने गोल से भटकना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि पिता, दादा व ताया सभी आर्मी में सेवाएं दे चुके है, इसलिए आर्मी में जाने का सपना बचपन से ही बना था जाकि आज साकार हुआ है। लेफ्टिनेंट रोहित चंदेल के पिता प्रदीप सिंह ने बताया कि रोहित चंदेल के द्वारा काफी मेहनत की गई है और आज मेहनत रंग लाई है। उन्होंने बताया कि खुद ही तैयारी करके आर्मी में भर्ती हुआ और अब देश सेवा के लिए जा रहा है। दादी कौशल्या देवी ने भी पोते की सेना में चयन होने पर खुशी जाहिर की है। रोहित की बुआ संतोष कुमारी ने बताया कि भतीजे का देश सेवा करने का जज्बा था जिसके चलते ही आज वह सेना में चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि भतीजे की मेहनत रंग लाई है। वहीं, बहन रिया चंदेल ने बताया कि गर्व की बात है कि मेरे भाई ने आर्मी में कमीशन पास करके लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है। माता निशा देवी ने बताया कि आज खुशी का पल है और परेड में भी सभी बच्चों को देखकर बहुत अच्छा लगा है। उन्होंने कहा कि बेटे रोहित के चयन को लेकर भी सभी बहुत खुश हैं और बाकि बच्चे भी आर्मी में जाने के लिए आगे बढ़ें और देश सेवा करें। आपको बता दें कि ग्राम पंचायत कोट गांव के कराह का यह पहला युवा है जो लेफ्टिनेंट बना है। इसी के चलते आज ग्राम पंचायत के लोगों ने रिश्तेदारों ने उनका जोरदार स्वागत किया और बता दें कि उनके दादा आर्मी में हवलदार रह चुके हैं और उनके पिता इंडियन नेवी में कार्यरत हैं। हालांकि अगर नाना की बात करें वह भी इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। और उनके परिवार में हर घर से भारतीय सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हमीरपुर जिला वीर भूमि के नाम से जाना जाता है।