पढ़ाई हो या नौकरी........ युवाओं में अब विदेशेां में जाने के सपने को पंख लगना शुरू हो गए हैं। विदेशों में पढ़ाई या नौकरी करने के सपने को साकार करने के लिए युवाओं में पासपोर्ट बनवाने का रुझान भी बढ़ा है। हमीरपुर में पासपोर्ट बनने की सुविधा मिलने के बाद युवाओं में पासपोर्ट बनवाने को लेकर अधिक होड़ है। हमीरपुर में स्थित डाकघर में युवाओं को पासपोर्ट बनाने की सुविधा मिल रही है जिसके चलते उन्हें अब शिमला की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। इसके बाद युवाओं में दूसरे देशों में पढ़ाई और नौकरी करने को लेकर अधिक दिलचस्पी बढ़ी है। डाकघर में प्रतिदिन 40 से 45 युवा पासपोर्ट बनवाने के लिए आ रहे हैं। पिछले तीन महीनों से हमीरपुर में विदेशों में रोजगार विभाग की ओर से रोजगार के अवसर प्रदान करने के बाद भी युवाओं में विदेशों में नौकरी करने के सपने को पंख लगे हैं। बाहरी देशों में रोजगार के लिए पासपोर्ट होना जरूरी है। ऐसे में युवा अपना पासपोर्ट बनवा रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो पहले बहुत कम संख्या में युवा पासपोर्ट बनवाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पहले 25 से 30 युवा ही पासपोर्ट बनवाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि 2017 के बाद यहां पर भी यह सुविधा उपलब्ध हुई है। इससे लोगों को शिमला की दौड़ नहीं लगानी पड़ती है। डाकघर हमीरपुर की एसएसबी कंचन सिंह चौहान ने कहा कि हमीरपुर में पासपोर्ट की सुविधा मिलने के बाद युवाओं में पासपोर्ट बनवाने को लेकर काफी रुझान बढ़ा है। युवा विदेशों में पढ़ाई व नौकरी के उद्देश्य से अपना पासपोर्ट बनवा रहे हैं।