पशुपालन विभाग की टीम ने गांव नियाटी में यूटेराइन टॉर्शन से पीड़ित भैंस को नया जीवन दिया है। टीम ने भैंस की बच्चेदानी से सात महीने के मृत कटड़े को बाहर निकाला है। भैंस पिछले दो महीनों से बीमार थी। इस कारण भैंस ने घास खाना कम कर दिया था। नियाटी के विधि चंद की पुत्र बधु निशा ने बताया कि दो महीने से बीमार भैंस का पशु चिकित्सक उपचार कर रहे थे। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. संदीप पाटिल ने बताया कि भैंस के गर्भाशय के मुड़ने से अविकसित कटड़ा नहीं बच पाया। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चेदानी से कटड़े को बाहन निकाला गया। टीम में पशु अस्पताल रैल के चिकित्सक डॉ. पंकज लखनपाल, डॉ. यशपाल आदि मौजूद रहें।