ग्राम पंचायत अमलैहड़ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास बिहारीलाल भारद्वाज ने ध्रुव चरित्र का वृतांत सुनाया। राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव की दृढ़ भक्ति की कहानी है, जिसे भागवत पुराण और विष्णु पुराण में वर्णित किया गया है। अपनी सौतेली मां सुरुचि द्वारा अपमानित होने पर, ध्रुव अपनी मां सुनीति के कहने पर भगवान विष्णु की कठोर तपस्या करते हैं। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु उन्हें वरदान देते हैं कि वे ध्रुव तारे के रूप में अमर हो जाएंगे। यह कथा दृढ़ संकल्प, भक्ति और दृढ़ता के महत्व को दर्शाती है। इस मौके पर कुलबीर सिंह, सुरेखा ठाकुर, जोगिंदर प्रसाद, तारा चंद, संजय कुमार, पुष्पेंद्र आदि उपस्थित रहे।