भाजपा सरकार में दो बार मुख्यमंत्री रहे, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. प्रेम कुमार धूमल की देन सिंथेटिक ट्रैक अणु, की उपयोगिता आज पूरे प्रदेश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सबके समक्ष है, यह बात राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ी रहे, भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने स्कूली स्टेट अडर -14, 400 मी स्वर्ण पदक विजेता चैंपियन बेटी मनीता व जिला हमीरपुर की सबसे तेज धाविका अंडर-14 शबनम को उनकी बस्ती में जाकर सम्मानित करने व बधाई देने के उपरांत के कहीं। नरेंद्र अत्री ने कहा इसी सिंथेटिक ट्रैक व इनडोर स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त कर हमारे गांव व प्रदेश की बेटियां न केवल जिला स्तर पर प्रदेश स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी श्रेष्ठता का परचम लहरा रही हैं। स्थानीय खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों की मांग पर उस समय भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री प्रो धूमल ने 2012 में हमीरपुर व धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक ट्रैक बनवा कर दिए थे, जब भारत में कुछ गिने चुने स्थानों पर ही यह सुविधा थी। बेशक उस दौर के एथलीट्स अब ट्रैक से दूर है या बतौर प्रशिक्षक सेवाएं दे रहे हैं, परंतु वे वर्तमान एथलीट्स को राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय मंच पर दौड़ते हुए जीते हुआ देख कर खुद के सपनों को पूरा होते हुए देख रहे हैं। हाल में ऊटपुर की बेटी मनीषा द्वारा इस ट्रैक से सफर शुरू कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना, पूरे प्रदेश के लिए गौरवान्वित पल है। ऐसे यहां अनेकों उदाहरण है जिसमें गरीब व सामान्य घर के एथलीट्स , बेटियां अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकृष्ट कर रही हैं व माता-पिता व क्षेत्र को गौरवान्वित महसूस कर रही है। धर्मशाला में हुई अंडर-14 स्कूली स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सिंथेटिक ट्रैक के साथ लगती बंगाली बस्ती की बेटी मनीता द्वारा 400 मीटर व चार गुना 100 मीटर में दो स्वर्ण पदक जीतना , समाज में सकारात्मक बदलाव का एक जीवंत उदाहरण है, जिस बस्ती की अधिकतर महिलाएं पहले कूड़ा-कबाड़ इकट्ठा कर मेहनत मजदूरी कर जैसे-तैसे अपना कठिन जीवन व्यतीत करती थी। इस बस्ती की बेटियां अब खेल मैदान सिंथेटिक ट्रैक पर आकर मेहनत कर अपने सपनों को पंख लगा कर आगे बढ़ रही है। इस सिंथेटिक ट्रैक व इनडोर स्टेडियम को चार चांद उस समय लग गए जो स्थानीय सांसद अनुराग ठाकुर ने बतौर केंद्रीय खेल मंत्री रहते हुए यहां स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का एक्सीलेंस सेंटर शुरू करवा दिया, जिसके कारण हमारे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय व ओलंपिक स्तर के प्रशिक्षक मिल गए और आज यहां एक नहीं अनेकों खिलाड़ी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा कर हम सबको गौरवान्वित कर रहे हैं।