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Hamirpur: विधि विधान से हुआ श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह

अंकेश डोगरा Updated Sun, 07 Dec 2025 02:53 PM IST

हलाणा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास विजय शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने नारद से कृष्ण की प्रशंसा सुनकर मन-ही-मन उन्हें पति मान लिया था। रुक्मिणी का भाई रुक्मी उसका विवाह शिशुपाल से कराना चाहता था। विवाह से पहले रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण सुदेव के माध्यम से कृष्ण को 7 श्लोकों का प्रेम पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने कृष्ण से हरण कर विवाह करने का आग्रह किया, अन्यथा प्राण त्यागने की बात कही। पत्र पाकर श्रीकृष्ण कुण्डिनपुर पहुंचे। शिशुपाल और रुक्मी ने कृष्ण का पीछा किया, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें हराकर रुक्मिणी का हरण कर लिया। अंततः,भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी को द्वारका लाकर सभी देवी-देवताओं की उपस्थिति में विधि-विधान से विवाह किया।

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