भले ही प्रदेश में चिट्टे के खात्मे के लिए चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान जारी है। इस मुहिम के तहत जिला पुलिस ने वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में नशा तस्करी पर पकड़ के लिए अधिक सक्रियता दिखाई है लेकिन नशे की सप्लाई चेन को पूर्ण रूप से ध्वस्त करने के लिए सामाजित सहयोग की दरकार है। नशा तस्करों पर शिकंजा कसने और सख्त कार्रवाई के बीच ताजा आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि नशे की जड़ें उम्मीद से कहीं अधिक गहरी हो चुकी हैं। हमीरपुर पुलिस और जागरूक जनता की सतर्कता के चलते नशा कारोबार से जुड़े मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 83 फीसदी अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की गई हैं। पुलिस इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रही है, लेकिन दूसरी ओर यह भी सच्चाई है कि मामलों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत देती है कि नशे का नेटवर्क पूरी तरह टूटने के बजाय कहीं न कहीं और मजबूत हो रहा है। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था बल्कि पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में जिले में नशे से जुड़े 65 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 108 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या लगभग दोगुनी होकर 119 मामलों तक पहुंच गई, जिनमें 191 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया। यह बढ़ोतरी साफ तौर पर दर्शाती है कि नशा तस्करी और सेवन का दायरा लगातार फैल रहा है, जिसका सबसे गहरा असर युवाओं और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ रहा है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि चिट्टे जैसे घातक नशे को जड़ से खत्म करने के लिए अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। साथ ही आरोपी के पुराने और वर्तमान आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर नशा नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।