पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति जिला हमीरपुर ने पेंशनरों के जनवरी 2016 से देय संशोधित वेतनमान तथा पेंशन के एरियर का भुगतान नहीं होने के विरोध में गांधी चौक पर प्रदर्शन किया। बारिश के बीच पेंशनरों ने गांधी चौक पर अपनी मांग बुलंद की। इसके बाद गांधी चौक से डीसी कार्यालय तक रैली निकाली। उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोहर ठाकुर, उपाध्यक्ष रमेश, महासचिव यशवीर, वित्त सचिव आदि ने पेंशनरों को संबोधित किया। उन्होंने मांग की है कि देनदारियों का आगामी बजट में प्रावधान किया जाए, अन्यथा 30 मार्च को प्रदेश भर के हजारों पेंशनर विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पेंशनरों के वर्षों से लंबित संशोधित वेतनमान तथा पेंशन का एरियर, संशोधित ग्रेच्युटी, मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया। इसके चलते पेंशनरों में रोष व्याप्त है। प्रदेश सरकार ने जुलाई 2023 के बाद से 13 फीसदी महंगाई भत्ते को रोक रखा है। वर्ष 2022 से 2024 तक का पेंशन का एरियर भी नहीं दिया। परिवहन निगम में तो पेंशन समय पर नहीं दी जा रही है। नगर निकाय के पेंशनरों को अभी तक 2016 की बजाय 2006 के पे स्केल के आधार पर पेंशन दी जा रही है। बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू नहीं की। प्रदेश उपाध्यक्ष दलीप सिंह ने बताया कि संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को 16 सितंबर 2025 तथा 4 अक्तूबर 2025 को प्रदेश सरकार को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था। पेंशनरों की कोई मांग नहीं है। केवल वर्षों से देय जायज देनदारियों का भुगतान करने का अपना हक मांग रहे हैं। यह आत्म सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है। यदि मार्च माह में आने वाले बजट में इन देनदारियों का प्रावधान नहीं किया तो 30 मार्च को शिमला विधानसभा के बाहर पेंशनर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर मुख्य संगठन सचिव तिलक राज शर्मा, संयुक्त सचिव मलकीयत, कार्यकारिणी सदस्य रत्न चंद, प्रीतम कौशल, राकेश ठाकुर सहित शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के पेंशनर मौजूद रहे।