मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्रिहोत्री ने की। इस दौरान जिला स्वास्थय अधिकारी डॉ. संजय जगोता, डॉ. राकेश, जिला टीबी उन्मूलन अधिकारी डॉ. सुनील, डॉ. अजय अत्री व सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, लेखाकार, ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधक उपस्थित रहे। मातृ एवं शिशु सेवाओं को किस तरह से सुदृढ़ किया जाए, इसके बारे में चर्चा की जाए। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया 93 फीसदी हो गई, इसे 95 फीसदी तक करने के आदेश दिए गए। वहीं बच्चों का टीकाकरण पूरा हो इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की रक्तचाप व मधुमेह, अनीमिया की स्क्रीनिंग तेज करने को कहा गया। सभी गर्भवती महिलाओं को सभी दवाइयां व टेस्ट फ्री, सुनिश्चित करने करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि जिले में पानी के 49 सैंपल लिए गए थे। जिसमें से छह पानी के सैंपल असंतोषजनक पाए गए हैं। वहीं 20 पानी के सैंपल संदिग्ध पाए गए हैं। कुल मिलाकर 60 फीसदी पानी के सैंपल ठीक नहीं है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बरसात शुरू होने जा रही है इसके लिए बरसात में होने वाली आपदा के लिए पहले से योजना बना के रखें। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता जो घर पर नवजात शिशु की देखभाल के लिए जाती हैं उस दौरान कोई बच्चा छूटना नहीं चाहिए और सभी गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण व बच्चे के टीकाकरण का डेटा समय पर एक्सेल शीट पर पंजीकृत करें व जो टीकाकरण से छूटे हुए बच्चे हैं उन्हें समय पर टीकाकरण करवाएं। उन्होंने इस अवसर पर यह भी की गर्मियों के मौसम में दस्त रोग के कुशल प्रबंधन के लिए ओआर एस, जिंक, क्लोरीन की गोलियां, आईवी फल्युड आदि समस्त सामग्री का स्वास्थ्य संस्थान में समुचित भंडारण की उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि जरूरत पडऩे पर आपात स्थिति में इनका उपयोग कर सकें। इसके आलावा आईई सी, पानी की स्वच्छता, हाथों की साफ सफाई, पर्यावरण की स्वच्छता, जागरूकता अभियान चलाएं और स्वास्थ्य संस्थानों पर रैपिड टीमों का गठन करें व फोन नंबर संस्थानों में डिस्प्ले कराएं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्वास्थ्य सम्बन्धी आंकड़ों का गहन विशलेषण करेंतथा आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल उठाएंञ मुख्या चिकित्सा अधिकारी ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारिओं को कहा कि वे विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत आबंटित धनराशी का समय पर खर्च करना भी सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि जिला में पानी के 49 सैंपल लिए गए थे। जिसमें से छह पानी के संैपल अंसोषजनक पाए गए हैं। वहीं 20 पानी के सैंपल संदिग्ध पाए गए हैं। कुल मिलाकर 60 फीसदी पानी के सैंपल ठीक नहीं है।