विधिक माप विज्ञान (माप-तौल) विभाग की ओर से धर्मशाला में सत्यापन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने कांटे, बाट, इलेक्ट्रॉनिक तराजू व अन्य माप-तौल उपकरणों का सत्यापन करवाया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर ऐसे शिविर लगाए जाते हैं। सत्यापन के दौरान उपकरणों की जांच कर उन्हें प्रमाणित किया गया, ताकि खरीद-फरोख्त में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। अधिकारियों ने व्यापारियों से निर्धारित समयावधि में अपने माप-तौल उपकरणों का सत्यापन करवाने की अपील की और नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।