मौसम खुलते ही बागवान अपने सेब के बागीचों में कटिंग-प्रूनिंग के कार्य में जुट गए हैं। फरवरी से लेकर मार्च तक सेब की विभिन्न प्रजातियों के पौधों, पेड़ों की प्रूनिंग का समय रहता है। सीजन आरंभ होने के बाद अब ऊपरी और निचले क्षेत्रों के बागवान आगामी सीजन में बंपर सेब की फसल के लिए खेतों में सुबह से लेकर देर शाम तक डटे रहते हैं। बागवानों का कहना है कि समय-समय पर सेब के पौधों की देखरेख होने से उन्हें भी मुनाफा होने की आस रहती है।