समुद्र तल से 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास दर्रा लोगों की मन पसंदीदा जगह बनी हुई है। आलम, ये है कि चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया साच पास मार्ग के यातायात के लिए बहाल होने के बाद अब यहां पर पर्यटकों का मेला लगा हुआ है। दिल्ली, पंजाब महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों समेत जिलाभर के कोने-कोने से लोग सहपरिवार साच पास पहुंच कर बर्फ के ग्लेशियरों पर चहलकदमी करते हुए साफ देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं, बर्फ पर कुर्सियां लगा कर लोग मैगी और चाय बना कर उसका सेवन करते हुए भी साफ देखे जा सकते हैं। बीते रोज चुराह से पहुंचे युवाओं के दल ने साच पास दर्रा में जमकर चहलकदमी की। तदोपरांत युवाओं ने बर्फ पर चुराही नाटी डाल कर लोगों और पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग यदि साच पास दर्रा को पर्यटन के लहजे से बढ़ावा देता है तो आगामी समय में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही आय के साधन में उत्पन्न होंगे।