हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की तैयारियां अब अंतिम चरण की ओर बढ़ने लगी हैं। मेले के आयोजन को लेकर रविवार को चौगान मैदान में हाइड्रा और ट्रकों के माध्यम से डॉम (अस्थायी विशाल ढांचा) का सामान पहुंचाया गया। इसके साथ ही संबंधित एजेंसी ने निर्माण कार्य की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। प्रशासन की योजना है कि आगामी दिनों में डॉम का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए, ताकि मेले के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, प्रशासनिक गतिविधियां और अन्य आयोजन समय पर संचालित किए जा सकें। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला 26 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होगा। हर साल इस मेले में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा देश और विदेश से भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा है। डॉम निर्माण के बाद चौगान मैदान में अन्य अस्थायी ढांचे, प्रदर्शनी स्थल, मंच, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक नागरिक सुविधाओं का निर्माण भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय से तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं, ताकि मेले का आयोजन सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला चंबा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है और हर वर्ष यह आयोजन स्थानीय संस्कृति, लोक कला, धार्मिक परंपराओं और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।