विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) तथा वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में बदलाव लाना वर्तमान समय की सबसे प्रमुख आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से चुने हुए जनप्रतिनिधियों की ओर से मामले को सदन में उठाया जाना चाहिए। ताकि, विकासात्मक योजनाओं का जल्द कार्यान्वयन तथा आपदा प्रभावित लोगों को प्राथमिकता के साथ भूमि आवंटित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों से आय अर्जित करने वाली विभिन्न केंद्रीय कंपनियों से प्रदेश को मिलने वाले राजस्व को भी आनुपातिक तौर पर बढ़ाने के भी प्रयास होने चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष उपमंडल मुख्यालय चुवाड़ी के समीप दुरगाई-घट्टा गांव में लगभग एक करोड़ की धनराशि से निर्मित होने वाले बुर्जा संपर्क मार्ग का भूमि पूजन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। गत दो वर्षों के दौरान 32 संपर्क सड़कों के शुरू किए गए निर्माण कार्यों में से लगभग 21 संपर्क मार्गों का अधिकांश निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। क्षेत्र की रायपुर, साडल, जंदरोग इत्यादि ग्राम पंचायतों के तहत 11 संपर्क सड़कों के निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं तथा चार संपर्क सड़कों के निर्माण को वन अधिकार अधिनियम के तहत पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है।