पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर घुमारवीं के रैन बसेरा परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजेश धर्माणी ने कहा कि राजीव गांधी ने देश में आईटी और टेलीकॉम क्रांति की नींव रखी। उन्होंने पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त बनाने, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बुनियाद रखने और भारत की विदेश नीति को नई दिशा देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज भारत 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सॉफ्टवेयर निर्यात करता है और एक डिजिटल महाशक्ति के रूप में उभरा है, जो राजीव गांधी की दूरदृष्टि का परिणाम है। कहा कि देश के आर्थिक उदारीकरण की बुनियाद राजीव गांधी की नीतियों में ही छिपी थी। विज्ञान, तकनीक और युवाओं पर उनके विशेष ध्यान के चलते आज भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। अगर आधुनिक भारत के निर्माता की बात की जाए, तो राजीव गांधी का नाम सबसे आगे आता है। इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल ने कहा कि राजीव गांधी एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने भारत को 21वीं सदी में ले जाने की मजबूत नींव रखी। उनका सपना था कि गांव, गरीब, युवा और किसान भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, कांग्रेस सेवा दल के सचिव सोम प्रकाश समेत कई कांग्रेस पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।