पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के बैनर तले शुक्रवार को सैंकड़ों पेंशनरों ने मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक के सामने धरना-प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने शहीद स्मारक से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली भी निकाली। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मांगों लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पेंशनरों ने एक स्वर से सरकार से मांग कि है कि शीघ्र एसोसिएशन को वार्ता के लिए बुलाया जाए ताकि ज्वलंत मांगों पर विचार विमर्श किया जा सके। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो पेंशनर उग्र रूप से करने के लिए विवश होंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि पेंशनरों को सरकार यथावत हर महीने की पहली तारीख को पेंशन की अदायगी करे। जिला के महामंत्री चेत राम वर्मा ने मंच संचालन किया। उन्होंने धरना प्रदर्शन के बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेंशनर के प्रति सरकार की बेरुखी के कारण उन्हें विवश होकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ा है। धरना-प्रदर्शन का आयोजन संगठन के जिला प्रधान जगदीश दिनेश की अध्यक्षता में हुआ। वक्ताओं में राम प्रकाश वर्मा, लेख राम कौडल, बेली राम टैगोर, डॉ. रविंद्र ठाकुर, ओम प्रकाश गर्ग, इंद्र सिंह डटवालिया आदि ने अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने सरकार के उपेक्षा पूर्ण व्यवहार के प्रति रोष प्रकट करने के लिए किया। कहा कि प्रदेश सरकार को बार-बार अनुरोध करने के बावजूद पेंशनर के कई साल से करोड़ों रुपये की लंबित देनदारियों की अदायगी नहीं की गई है। छठे वेतन आयोग के एरियर से आजतक पेंशनर वंचित हैं। करोड़ों रुपये के चिकित्सा बिलों की अदायगी नहीं हो पाई है। पहली जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त पेंशनर अति वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। महंगाई भत्ते की तीन किस्तों नहीं दी गई हैं। पेंशनर सरकार का समय-समय पर सहयोग करते हैं। बाबजूद इसके आज अधिकारों से वंचित है और सडक़ों पर उतरने के लिए बाध्य हुए हैं। दुख का विषय है कि मुख्य मंत्री के आश्वासन दिए जाने के बावजूद भी आजतक पेंशनर कि सयुंक्त सलाहकर समिति का गठन नहीं हो पाया है। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी की ओर से महासचिव हुकम सिंह ठाकुर, मुख्य सलाहकार जेके नड्डा, पुलिस पेंशनर एसोसिएशन के प्रधान डॉक्टर रविंदर ठाकुर, नाथू राम ठाकुर, बंसी राम ठाकुर आदि उपस्थित रहे।