बिलासपुर जिले में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में आयोजित बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों को नया आयाम देने पर मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राहुल कुमार ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत प्रत्येक उपमंडल स्तर पर एक दिवसीय तथा जिला स्तर पर दो दिवसीय आजीविका कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के सहयोग से एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि जिले सहित प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों की औसत जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनके लिए आजीविका से जुड़े कौशल, स्वास्थ्य संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और अपने अनुभवों से युवाओं का मार्गदर्शन कर सकते हैं। इसी कड़ी में अंतर-पीढ़ी सहभागिता गतिविधियों के तहत शिक्षण संस्थानों में संवाद श्रृंखलाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया, ताकि युवा पीढ़ी को वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों का लाभ मिल सके।