पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश की बैठक बिलासपुर के डियारा स्थित विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला बिलासपुर के प्रधान एवं प्रदेश के वरिष्ठ उपप्रधान चेत राम वर्मा ने की। कहा कि राज्य सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान का बहाना बनाकर पेंशनरों और कर्मचारियों के 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते को फ्रीज करने, 146 माह के बकाया एरियर, संशोधित पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और चिकित्सा बिलों के भुगतान को रोकने या टालने के संकेत दिए जा रहे हैं। यह पेंशनरों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि पेंशन कोई सरकारी अनुदान या कृपा नहीं है, बल्कि जीवन भर की सेवा के बाद अर्जित अधिकार है, जिसे न तो फ्रीज किया जा सकता है और न ही छीना जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि फ्रीज करने की नौबत आती है तो पहले सरकार को राजनीतिक नियुक्तियों पर हो रहे फिजूल खर्च को रोकना चाहिए। वर्मा ने स्पष्ट कहा कि पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन किसी भी कीमत पर डीए फ्रीज, एरियर रोकने या पेंशन में किसी भी प्रकार की कटौती को स्वीकार नहीं करेगी और आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा।