बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के लिए आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने के लिए पीडीएनए (Post Disaster Needs Assessment) के तहत दूसरी किश्त जारी कर दी गई है। सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि क्षेत्र के लिए 10 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा और सांसद अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस राशि से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में करीब 70 क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इससे पहले बिलासपुर सदर क्षेत्र को पीडीएनए की पहली किश्त में 25.41 करोड़ रुपये मिले थे, जिससे विभिन्न पंचायतों में सड़क सुरक्षा और सुधार से जुड़े कार्य किए गए। विधायक ने कहा कि बिलासपुर सदर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करीब 41 से 42 करोड़ रुपये का बनाकर भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को सहायता राशि उपलब्ध करवाने के बाद भी बिलासपुर सदर के लिए केवल 10.13 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि बची हुई राशि भी जल्द जारी की जाए, ताकि सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त किया जा सके। त्रिलोक जम्वाल ने प्रदेश सरकार पर सड़क निर्माण और रखरखाव में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कई सड़कों पर गड्ढे हैं और इस गर्मी के मौसम में एक किलोमीटर सड़क की भी मेटलिंग नहीं हो पाई है। उन्होंने बिलासपुर शहर के औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की हालत पर भी चिंता जताई। उन्होंने पीडीएनए के तहत करवाए जा रहे कुछ कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। विधायक ने कहा कि कई जगह बनाए गए सुरक्षा कार्य पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने विभाग से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और केंद्र से मिली राशि का पारदर्शी तरीके से उपयोग करने की मांग की।