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Bilaspur: गीता और रामायण प्रश्नोत्तरी में रितिका, अक्षांश विजेता, संस्कार संस्था की ओर से आयोजित हुई प्रतियोगिता

संस्कार सोसाइटी घुमारवीं की ओर से वीरवार को प्रताप जयंती पर संस्कार और सरोकार अभियान के तहत श्रीमद्भागवत गीता और रामायण पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता में घुमारवीं उपमंडल के 40 स्कूलों के 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में होली हार्ट स्कूल घुमारवीं की रितिका धर्माणी और अक्षांश चंदेल ने पहला, एसवीएम घुमारवीं के सूरज और दीपांश ने दूसरा और नवालोक आदर्श विद्यालय खंसरा की अक्षिता और वर्षा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पहले स्थान के लिए 2100 रुपये, दूसरे स्थान के लिए 1500 रुपये और तीसरे स्थान के लिए 1100 रुपये का इनाम दिया गया। साथ ही अन्य प्रतिभागी बच्चों में अनिका धीमान, कृतिका, देवराज, सुनाक्षी, आकृति और तपस्या को 500 रुपये सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर ओपी शर्मा पूर्व निदेशक शिक्षा हिमाचल प्रदेश ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि संस्कार संस्था संस्कृति और संस्कार को निरंतर आगे बढ़ाने का काम कर रही है। त्याग, वीरता, साहस हमारी संस्कृति में है। गीता और रामायण संस्कृति के अटूट अंग है। इनमें आदर्शवाद, कर्मों की प्रधानता है, जिस कारण ये दुनिया में सर्वोपरि है। वहीं संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि गीता जीवन दर्शन है, सत्य है, सनातन है इसलिए इसे युवा पीढ़ी गीता को पढ़े। उन्होंने बच्चों से कहा कि गीता और रामायण को जीवन में अपनाएं। जो क्विज में सफल नहीं हुए वो निराश न हो। असफलता के बाद ही सफलता मिलती है, इसलिए निराश नहीं होना है।

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