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Bilaspur: कोल डैम में सायरन की आवाजें गूंजते ही दौड़ने लगे सुरक्षाकर्मी, मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन

अंकेश डोगरा Updated Wed, 28 May 2025 07:32 PM IST

कोल डैम परियोजना में बुधवार को चारों ओर सायरन की आवाजें गूंजने लगीं, सुरक्षाकर्मी दौड़ते नजर आए और कुछ ही देर में सलापड़ से एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। ये कोई असली आपदा नहीं थी, बल्कि एक बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल थी, मगर इसका मकसद बिल्कुल असली था। बड़े भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए इसे आयोजित किया गया था। इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व सीआईएसएफ कोल डैम यूनिट के उप कमांडेंट अजय बाली ने किया। उन्होंने कहा कि ड्रिल का उद्देश्य यह देखना था कि यदि कोल डैम क्षेत्र में अचानक प्राकृतिक आपदा आ जाए, तो विभिन्न एजेंसियां किस हद तक तत्पर और समन्वित तरीके से काम कर सकती हैं। ड्रिल में एनटीपीसी सुरक्षा शाखा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बिलासपुर, एनडीआरएफ सलापड़ और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल हुईं। सभी एजेंसियों ने अपनी भूमिका निभाते हुए आपात स्थिति में आवश्यक कदमों का अभ्यास किया। किसी ने राहत पहुंचाई, तो किसी ने बचाव कार्यों का संचालन किया। ड्रिल के बाद एनटीपीसी के डीजीएम (सुरक्षा) देवेंद्र कुमार, एनडीआरएफ के एसी कर्म सिंह और सीआईएसएफ के डीसी अजय बाली ने सभी प्रतिभागियों के साथ डीब्रीफिंग की। इस दौरान प्रतिक्रिया में सुधार, समन्वय बढ़ाने और तकनीकी पक्षों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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