यमुनानगर। डीसीएस पोर्टल, संसाधनों की कमी और ऑनलाइन पोर्टलों की तकनीकी खामियों को लेकर जिले के पटवारी दो दिन की सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं। वीरवार को हड़ताल के पहले दिन जिले के 92 सर्कल में तैनात 92 पटवारी व 10 कानूनगो काम से दूर रहे। पटवारियों ने अनाज मंडी में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के कारण डीसीएस, गिरदावरी, डोमिसाइल, नक्शा, इंतकाल, जमाबंदी, फर्द और न्यायालय से संबंधित कार्य प्रभावित रहे। पटवारियों के हड़ताल पर जाने की जानकारी पहले से होने के कारण वीरवार को कार्यालयों में बहुत कम लोग पहुंचे। हालांकि जो लोग अपने जरूरी काम के लिए पटवारखानों में पहुंचे, उन्हें कार्यालयों पर ताले लटके मिले और निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी डोमिसाइल बनवाने वाले लोगों को हुई। इन दिनों कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रमाण पत्रों की जरूरत पड़ रही है। सोमवार को ही खुलेंगे पटवारखाने पटवारियों की दो दिन की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी। इसके बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में पटवारियों से संबंधित काम के लिए लोगों को अब सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। यदि आंदोलन आगे बढ़ा तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। एक काम के लिए चल रहे दो से तीन पोर्टल वीरवार को हड़ताल का नेतृत्व दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। धरने के दौरान रामफल गुर्जर, अभिषेक, अवतार सिंह, सतीश मलिक, सलीम खान, संजय कुमार, राजीव हुसैन, अभिषेक कुमार, मनीष और देवी चंद समेत अन्य पटवारी मौजूद रहे। पटवारी नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से अलग-अलग कार्यों के लिए कई पोर्टल चलाए जा रहे हैं। एक ही काम के लिए दो से तीन पोर्टल होने के कारण पटवारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार पोर्टल सही तरीके से काम नहीं करते, जिससे ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में काफी समय लग जाता है और लोगों के काम लंबित रहते हैं। डीसीएस पोर्टल में भी कई तकनीकी खामियां हैं। पोर्टल पर काम करते समय बार-बार तकनीकी दिक्कत आने के कारण काम प्रभावित होता है। इसके अलावा पटवारियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इससे काम का दबाव बढ़ रहा है और लोगों को समय पर सेवाएं देने में कठिनाई होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि फिलहाल मांगों को लेकर दो दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई है। यदि शुक्रवार शाम तक सरकार की ओर से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया जा सकता है। इससे जिले में राजस्व से जुड़े काम और प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों ने सरकार से पोर्टलों की तकनीकी खामियां दूर करने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।