तीर्थराज कपालमोचन मेला का अंबाला मंडल आयुक्त गीता भारती रिबन काट कर शुभारंभ किया। उन्होंने मेला स्थल पर लगी 41 विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियो का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। तीर्थराज कपाल मोचन मेला 11 से 15 नवंबर लगेगा। 14 नवंबर की रात 12 बजे कपालमोचन, ऋण मोचन व सूरजकुंड सरोवरों में कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान होगा। उल्लेखनीय है श्री कपालमोचन तीर्थ में हिंदू और सिख समुदाय की काफी आस्था है। पुराणों में कपालमोचन तीर्थ का प्राचीन नाम गोपाल मोचन और सोमेसर मोचन था। इसका वर्णन महाभारत और वामन महापुराण में वर्णित है। श्री गुरु नानक देव भी यहां पर आए थे और उन्होंने भी यहां पर मानवता का संदेश दिया था।