पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की माता हरपाल कौर यमुनानगर के खंड बिलासपुर में तीर्थराज कपालमोचन पहुंची। जहां उन्होने तीनों सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना की और गुरुद्वारे में अरदास की। उन्होने अपने परिवार के लिए कपालमोचन में काफी मन्नतें मांगी हुई हैं और आज भी मांग कर जा रही हैं। उल्लेखनीय है श्री कपालमोचन तीर्थ में हिंदू और सिख समुदाय की काफी आस्था है। पुराणों में कपालमोचन तीर्थ का प्राचीन नाम गोपाल मोचन और सोमेसर मोचन था। इसका वर्णन महाभारत और वामन महापुराण में वर्णित है। श्री गुरू नानक देव जी भी यहां पर आये थे और उन्होंने भी यहां पर मानवता का संदेश दिया था। साल 1688 में भांगानी की लड़ाई के बाद श्री गुरु गोबिंद सिंह जी भी कपालमोचन पधारे और पहाड़ी शासकों के खिलाफ इस विजयी युद्ध में लड़े सैनिकों को सम्मान स्वरूप पगड़ी भेंट की थी और इसी स्थान पर 52 दिन ठहरे थे। उन्होंने कपालमोचन और ऋणमोचन में स्नान किया व अपने अस्त्र-शस्त्र धोये थे।