स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में सर्वश्रेष्ठ रैंक के लिए नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बुधवार को जनस्वास्थ्य विभाग, नगर निगम की इंजीनियरिंग व सफाई शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सीवरेज सिस्टम, एसटीपी, जीएफसी (कचरा मुक्त शहर), ओडीएफ प्लस प्लस व स्वच्छ सर्वेक्षण संबंधित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। हर विषय पर अधिक से अधिक अंक लेने के लिए निगम आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्वच्छ सर्वेक्षण संबंधित हर विषय पर किए जाने वाले कार्यों व गतिविधियों की फाइल तैयार करें। जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें एक सप्ताह से पहले पूर्ण करें। स्वच्छ सर्वेक्षण के पोर्टल पर हर डाटा अपडेट हों। किसी भी कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। इसलिए सभी अधिकारी स्वच्छ सर्वेक्षण को गंभीरता से लेकर कार्य करें। बैठक में आयुक्त आयुष सिन्हा ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन सौरभ व अन्य अधिकारियों से शहर के सीवरेज सिस्टम व एसटीपी पर चर्चा की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में जहां भी सीवरेज बने हैं, उन्हें कवर्ड किया जाए। ब्लॉक सीवरेज को दुरुस्त करें। शहरी क्षेत्र के सभी एसटीपी की जांच करें। एसटीपी से निकलने वाले पानी का सही प्रबंध हो। रोजाना की लॉगबुक तैयार हो। एसटीपी से किसानों को दिए जाने वाले पानी का भी पूरा रिकॉर्ड हो। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए कभी भी टीम शहर में आ सकती है, इसलिए सभी एसटीपी पर पर्याप्त प्रबंध हो। कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर लगाए। इसके बाद निगम कमिश्नर आयुष सिन्हा ने अभियंता शाखा व सफाई शाखा के अधिकारियों से ओडीएफ प्लस प्लस और जीएफसी गारबेज फ्री सिटी (कचरा मुक्त शहर) विषयों पर चर्चा की। स्वच्छ सर्वेक्षण में ओडीएफ प्लस प्लस के 1200 अंक और जीएफसी के 1300 अंक है। सफाई अधिकारियों ने बताया कि पहले भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी ओडीएफ डबल प्लस का सर्टिफिकेट हासिल कर चुका है। दोबारा ओडीएफ डबल प्लस का सर्टिफिकेट मिलने से स्वच्छ सर्वे में शहर की रैंकिंग भी सुधरेगी। ओडीएफ डबल प्लस के लिए टीम जल्द शहर में सर्वे करेंगी। जिसमें शहर के शौचालयों में स्वच्छता, शहर के आदर्श शौचालय का पैमाना, मल निपटान प्लांट की व्यवस्था, बाहर शौच से मुक्त की स्थिति, रिहायशी व व्यवसायिक क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था देखी जाएगी। इसलिए सभी कार्यों व गतिविधियों की फाइल व रिकार्ड तैयार हो। स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम आने पर उसे यह फाइल दिखाए। मौके पर अतिरिक्त निगम आयुक्त डाॅ. विजय पाल यादव, एक्सइएन विकास धीमान, एक्सइएन सौरभ, सीएसआई हरजीत सिंह, सीएसआई सुनील दत्त, एसआई गोविंद शर्मा, सफाई निरीक्षक व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। हर गतिविधि की रिपोर्ट तैयार कर बनाए फाइल जीएफसी के तहत प्रबंधों के बारे में निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को कहा कि डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने की सुविधा, खुले में कचरा डालने वालों पर कार्रवाई करने, सभी सार्वजनिक स्थानों की सुंदर बनाने, वॉल पेंटिंग आदि गतिविधियों का रोजाना डाटा तैयार हो। हर गतिविधि की रिपोर्ट तैयार हो। इन सब कार्याें की फाइल तैयार हो। स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम आने पर उसे फाइल दिखाए। नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी तालाब व जोहड़ पर साइन बोर्ड लगे हो। एमआरएफ सेंटर के अंदर व्यवस्थित तरीके से कचरा रखा हो। सभी प्रकार के कचरे के लिए अलग अलग खाने बने हो। वेस्ट से बेस्ट बनवाकर पार्कों का सुंदरीकरण करें।