कृषि विभाग गोहाना में प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों के साथ सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग के अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक तरीके से खेती करने की जानकारी दी। वक्ताओं ने किसानों को फसल चक्र अपनाने, देसी खाद, जीवामृत और अन्य प्राकृतिक तरीकों के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ती है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होती है और जो उत्पाद तैयार होते हैं, वे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होते हैं। विभाग ने किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कम उपयोग करने और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। सेमिनार में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने प्राकृतिक खेती को लेकर सवाल भी पूछे। कृषि विभाग द्वारा आगे भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम करने की बात कही