आचार्य डाॅ. वेदपाल ने कहा कि परमेश्वर सर्वव्यापक है। उस ऐश्वर्य संपन्न ईश्वर का ध्यान करते हुए मनुष्य को उसके पास बैठकर मुक्तिधाम को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। परमेश्वर स्व: अर्थात सुख स्वरूप है, जो उसकी उपासना निर्विकार मन, सखा भाव व आनंद प्राप्त करने की इच्छा से करता है, प्रभु उसे पाप विनाशक ज्ञान देकर उसकी जीवन रूपी नैया को पार लगाते हैं।