फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचनद पंजाबी द्वार को लेकर पंजाबी समाज दो धड़ों में बंटा, मुख्यमंत्री तक पहुंच रहे ज्ञापन

भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की याद में गोहाना में बनाए जा रहे पंचनद पंजाबी द्वार को लेकर अब विवाद गहरा गया है। एकजुट दिखने वाला पंजाबी समाज अब दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। मामला इतना बढ़ गया है कि दोनों पक्ष एक-एक कर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज रहे हैं। नगर परिषद के खर्च से बनाए जा रहे पंचनद पंजाबी द्वार का निर्माण कार्य शहर की समता चौकी के पास शुरू किया गया था। यहां दोनों तरफ पिलर भी खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन इसी स्थान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक पक्ष का कहना है कि यह जगह पहले से ही काफी भीड़भाड़ वाली है। करीब 500 मीटर के दायरे में शहीद चौक, महावीर चौक, देवीलाल चौक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, देवीलाल स्टेडियम, पुलिस चौकी और एक बड़ा निजी विद्यालय मौजूद है। ऐसे में पंचनद पंजाबी द्वार की अलग पहचान नहीं बन पाएगी। विरोध कर रहे पक्ष ने मांग उठाई है कि यह द्वार शहर के मुख्य मार्ग पर खुले स्थान में और शहर के प्रवेश द्वार के पास बनाया जाए, ताकि इसकी ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। इस पक्ष के साथ कई दुकानदार भी जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरा पक्ष शहर के बीचोंबीच ही पंचनद पंजाबी द्वार बनाए जाने के पक्ष में है। उनका कहना है कि शहर के केंद्र में बनने से लोगों को विभाजन के समय शहीद हुए लोगों की याद हमेशा बनी रहेगी और यह स्थान अधिक लोगों की नजर में रहेगा। शहर के बीच निर्माण की नींव भरने के बाद विवाद और गहरा गया, जिसके चलते फिलहाल निर्माण कार्य रुक गया है। अब मामला सामाजिक और राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ प्रशासन और सरकार तक बात पहुंचाने में जुटे हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें