नगर निगम क्षेत्र में घर-घर से कचरा उठान का कार्य संभाल रही कंपनी पर कर्मचारियों ने रुपये की कलेक्शन न करने पर सात सुपरवाइजरों को नौकरी से निकालने के आरोप लगाए हैं। इसके विरोध में गाड़ी चालकों व सहायकों ने बाबा धाम के पास एकत्रित होकर विरोध जताया। आरोप है कि कंपनी शहरवासियों से कचरा उठान की फीस के तौर पर रुपये वसूली कर रही है। अब चालक-परिचालकों को कलेक्शन का टारगेट दे रही है। इसके विरोध में कर्मचारियों ने हड़ताल करने की भी चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में एकत्रित होकर कंपनी और नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी ने कर्मचारियों का शोषण किया है। वहीं, जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि कंपनी पहले ही कर्मचारी कम रख रही है। उनपर काम का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उनकी मांग है कि मामले की जांच हो। वहीं, कर्मचारियों को नौकरी पर वापस लिया जाए। उन पर कलेक्शन का दबाव न बनाया जाएं। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारी कचरा उठान का काम छोड़ हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर अंकित, दीपांशु, सुमित, सत्यनारायण, पवन, विवेक, हरपाल, नरेश, सुमित व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।