रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में सीजन में पहली बार पीआर धान की एक ढेरी पहुंची। नमी ज्यादा होने की वजह से धान को सुखाने के लिए मंडी परिसर में सुखाया गया। किसान ने ढेरी को सरकारी के बजाय प्राइवेट में बेचने का निर्णय लिया। बाकी मंडियों में पीआर धान नहीं पहुंचा। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने धान की खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। किसानों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। किसानों का आरोप था कि मिलर्स की ओर से औने-पौने दामों में उनके धान की फसल को खरीदा जा रहा है। उनके आने की सूचना मिलने के बाद मिलर्स की ओर से उनके धान को 3000 से लेकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया है। साथ ही उन्होंने मिलर्स पर तौल कांटे छिपाने के आरोप लगाए। बड़ी संख्या में किसान 1509 किस्म का धान लेकर पहुंच रहे है। किसानों का कहना है कि पहले किसान बारिश की मार से फसलों में हुए नुकसान को झेल रहे हैं। अब मंडी में उनकी फसलों को कम दाम में खरीदा जा रहा है। जिससे धान की फसल उगाने में आई लागत भी पूरी नहीं हो रही है। ऐसे में किसान अपना धान सोनीपत की मंडी वापस ले जाने के लिए मजबूर हो रहे है।