फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, ग्रामीण मजदूरों के लिए आजीविका की गारंटी : धर्मपाल मलिक

प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक ने कहा कि मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, ग्रामीण मजदूरों के लिए आजीविका की गारंटी है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में बदलाव और प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी है। वह शनिवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। धर्मपाल मलिक ने कहा कि मनरेगा के नाम में बदलाव करना महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ है और वह योजनाओं से उनका नाम हटाने पर तुली हुई है। विधायक इंदुराज नरवाल ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि भाजपा जी-राम-जी बिल से लेकर हर योजना में महात्मा गांधी के नाम को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग करने में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ रही, जबकि श्रीराम के नाम की सबसे अधिक इज्जत करने वाली पार्टी कांग्रेस है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मनरेगा का नाम वापस नहीं लिया जाएगा और संशोधन रद्द नहीं होंगे, तब तक कांग्रेस इस लड़ाई को सडक़ों पर लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह संशोधन आम आदमी के खाते में 15 लाख रुपये आने जैसे खोखले वादों की तरह है। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा भी स्पष्ट की। नेताओं ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक हर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ता सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। इसके अलावा पंचायत से लेकर हर वार्ड तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस की तरफ से 16 जनवरी से 22 जनवरी तक प्रदेशभर में रैलियों का आयोजन किया जाएगा। नेताओं का आरोप है कि मनरेगा में किए जा रहे संशोधनों से पंचायतों और वार्डों में विकास कार्य प्रभावित होंगे, काम में देरी होगी और मजदूरों को रोजगार की गारंटी नहीं मिल पाएगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें