जिले की बेटी ने संघर्ष, समर्पण और अथक मेहनत के दम पर सफलता की एक और इबारत लिख दी। मूलरूप से गांव लाठ हॉल सेक्टर-23 निवासी युवा पहलवान काजल ने महाराष्ट्र में आयोजित तीन दिवसीय भारतीय स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में ‘हिंद केसरी’ का खिताब अपने नाम कर लिया। विजेता को पुरस्कार स्वरूप कार और चांदी की गदा भेंट की गई। सोनीपत पहुंचने पर मेयर राजीव जैन ने बेटी का स्वागत कर बधाई दी है। साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली काजल की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल बन चुकी है। उनके पिता टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को कभी कमजोर नहीं पडऩे दिया। बचपन से ही कुश्ती के प्रति रुचि रखने वाली काजल ने मात्र नौ वर्ष की आयु में अखाड़े की मिट्टी से रिश्ता जोड़ लिया था। काजल के चाचा कृष्ण पहलवान ने उन्हें दांव-पेच सिखाए और लगातार प्रोत्साहित किया। परिवार का सपना था कि घर की बेटी देश के लिए बड़ा मुकाम हासिल करे और आज वही सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। काजल की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती।